बीबीएन/ब्यूरो
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ में खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस पर हमला हुआ. इस दौरान एक पुलिस जवान की हत्या की कोशिश की गई. हालांकि. इस घटना में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. उधर. घायल सिपाही का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है. पुलिस ने सात जेसीबी और दस टिप्पर जब्त किए हैं और अवैध खनन पर सख्ती का ऐलान किया है.
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में अवैध खनन माफिया ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है. बघेरी की लुहन खड्ड में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची जोगों पुलिस चौकी की छह सदस्यीय टीम पर खनन माफिया ने JCB मशीन से हमला कर दिया. इस घटना में एक सिपाही और एक स्थानीय ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए. सिपाही की टांग JCB की चपेट में आने से टूट गई, और उसे तुरंत PGI चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है
घटना के तुरंत बाद बददी पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया. पुलिस ने दो आरोपियों, रवि दास और रूप लाल, दोनों नालागढ़ तहसील के निवासियों, को हिरासत में ले लिया है. तीसरा आरोपी, निर्मल उर्फ नींबू, अभी फरार है, और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.
डीएसपी नालागढ़, भीषम ठाकुर ने बताया कि पुलिस की टीम अवैध खनन के खिलाफ नियमित कार्रवाई कर रही थी, लेकिन माफिया ने सुनियोजित ढंग से हमला किया. उन्होंने कहा, “हमारा एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ है. हम इस मामले में कठोर कार्रवाई कर रहे हैं, और फरार आरोपी को जल्द पकड़ा जाएगा.” पुलिस ने इस घटना में शामिल सात JCB मशीनों और दस टिप्पर वाहनों को जब्त कर लिया है. जब्त की गई मशीनों और वाहनों की जांच शुरू कर दी गई है ताकि अवैध खनन के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके.
लंबे समय से चल रहा है खनन
स्थानीय लोगों ने बताया कि नालागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन माफिया का बोलबाला लंबे समय से चला आ रहा है. यह पहली बार नहीं है जब खनन माफिया ने कानून के रखवालों पर हमला किया हो. हाल के वर्षों में, देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं. उदाहरण के लिए, 2022 में हरियाणा में एक डीएसपी को खनन माफिया ने ट्रक से कुचल दिया था, और 2023 में तमिलनाडु में एक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी
खनन से पर्यावरण को नुकसान
नालागढ़ के स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि नदियों और खड्डों का प्राकृतिक स्वरूप भी नष्ट हो रहा है. लुहन खड्ड जैसे जलस्रोतों में अवैध खनन के कारण पानी की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, और आसपास के खेतों की उर्वरता भी कम हो रही है. स्थानीय किसान रमेश कुमार ने बताया, “खनन माफिया रात के अंधेरे में JCB और टिप्पर लेकर आते हैं. अगर कोई विरोध करता है, तो उसे धमकियां मिलती हैं
