चंबा (हिमाचल प्रदेश), 26 अप्रैल 2025 —
मनरेगा योजना में हेराफेरी के आरोप में चंबा जिले के भटियात क्षेत्र की बलेरा पंचायत के प्रधान को प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि प्रधान ने एक सरकारी कर्मचारी की अटेंडेंस मनरेगा कार्यों में दर्ज कर बहाली की और अपने रिश्तेदार को वेंडर नियुक्त किया।
जांच पहल और शिकायत
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शिकायतकर्ता पंकज पलभर ने आरोप लगाया कि बलेरा पंचायत का प्रधान सरकारी कर्मचारी को मनरेगा में बताकर उसकी हाजिरी दर्ज करा रहा था, जबकि वह वास्तविक रूप से डलहौजी में नियुक्त है।
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साथ ही उन्होंने बताया कि प्रधान ने अपने रिश्तेदार को वेंडर के रूप में मनरेगा कार्यों में नियुक्त कर लाभ उठाया, जो नियमों के खिलाफ है।
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पंकज ने इस संबंध में पहले धरना प्रदर्शन भी किया और प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपा।
प्रशासनिक कार्रवाई
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शिकायत मिलने के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीसी) चंबा अमित मेहरा के निर्देशन में मामले की प्रारंभिक जांच की गई।
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प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
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प्रशासन ने आगे की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
नियम और निर्देश
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मनरेगा कार्यों में सरकारी कर्मचारियों को शामिल नहीं किया जा सकता; उनकी अटेंडेंस दर्ज करना भ्रष्टाचार का मामला है।
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पंचायत प्रधान अपने संबंधियों को वेंडर के रूप में नियुक्त नहीं कर सकता; ऐसा करने पर नियमों के तहत दंडनीय कार्रवाई होती है।
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प्रशासन ने सभी पंचायतों को याद दिलाया है कि योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखें और किसी भी प्रकार के अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संदर्भ:
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शिकायतकर्ता पंकज पलभर के धरना प्रदर्शन और लिखित आवेदन के आधार पर यह मामला उजागर हुआ।
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एडीसी चंबा अमित मेहरा ने पुष्टि की है कि प्रधान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और आगे जांच भी जारी रहेगी।
