कॉलेज में अध्ययनरत दो गहरे मित्रों के बीच एक अनहोनी ने दोस्ती पर गहरा ग्रहण लगा दिया। जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र एक ही क्लास में पढ़ते थे और बचपन से घनिष्ठ मित्र रहे हैं। लेकिन एक छात्र ने अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड के साथ संबंध स्थापित कर लिए और मौका पाकर दोनों रात के अँधेरे में कॉलेज परिसर से ही फरार हो गए।
पीड़ित छात्र को जैसे ही इसकी खबर लगी, वह स्तब्ध रह गया। परिवार को सारी सच्चाई बताकर उसने मदद की गुहार लगाई। परिजनों ने पहले तो भावनात्मक रूप से बेटे को समझाया, फिर उसकी जमकर फटकार लगाई, यह कहते हुए कि “तुम पढ़ाई करने कॉलेज जाते हो, ऐसे कामों के लिए नहीं”।
घटना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- **दोस्ती का घनिष्ठ रिश्ता:** दोनों छात्र स्कूली जीवन से साथ रहे और कॉलेज में भी एक-दूसरे के करीबी मित्र थे।
- **रिश्तों में विश्वासघात:** एक छात्र और उसके दोस्त की गर्लफ्रेंड के बीच धीरे-धीरे रिश्ता गहरा हुआ।
- **भागने का निर्णय:** एक दिन दोनों ने मौक़ा पाकर कॉलेज से ही साइकिलों पर सवार होकर अज्ञात स्थान की ओर रुख किया।
- **परिवार की प्रतिक्रिया:** पीड़ित छात्र ने घर में पूरी बात बताई, तो परिजन अत्यंत आहत हुए और उन्होंने बेटे को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
- **कोई कानूनी कार्रवाई नहीं:** अब तक न तो कोई पुलिस रिपोर्ट दर्ज करवाई गई और न ही शिकायत की गई है।
यह घटना न सिर्फ कॉलेज परिसरों में छात्रों के आपसी भरोसे पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि परिवारों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, युवा संबंधों में पारदर्शिता और संवाद की कमी इस प्रकार की घटनाओं की जड़ हो सकती है।
समाज में बढ़ते दबाव और प्रतियोगी माहौल में जब दोस्ती एवं रिश्तों का अहमियत कम होती जा रही है, तो हमें इन मूल्यों को बचाए रखने के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन और संवाद की व्यवस्था करनी होगी।
