राकेश राणा, बंगाणा (ऊना)
सोमवार देर रात से हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालांकि गर्मी से राहत मिल रही है, लेकिन किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। स्थानीय मक्के के खेत पानी से तालाब जैसे हो गए हैं, जिससे फ़सल को भारी नुकसान का खतरा मंडरा रहा है।
नदी-नाले व खड्डों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने repeatedly सतर्क करते हुए कहा है कि बारिश का मौसम है और पानी का बहाव कोई भी क्षण अचानक आ सकता है। इसलिए नदी-नालों व खड्डों से दूरी बनाए रखना अनिवार्य है।
कुछ स्थानों पर सड़कें दल-दल से भरी हुई हैं। नागरिकों और प्रशासन के कर्मी मिलकर मलबा हटाकर यातायात को सुचारू बनाए रखने में जुटे हुए हैं।
तहसीलदार विपन ठाकुर ने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नाले व खड्डों से दूरी बनाए रखें और सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
