प्रदेश में कृषि से स्वरोजगार बढ़ाने के लिए सरकार बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए गन्ने की पैदावार को प्रोत्साहित करने और प्रदेश में ही शुगर मिल लगाने की योजना बनाई जा रही है। कांगड़ा जिला के बॉर्डर व इंदौरा क्षेत्र में शुगर मिल स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इस मिल की सफलता के लिए पंजाब और जम्मू-कश्मीर से भी गन्ना लिया जा सकता है।
शुगर मिल की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इसी विषय पर शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कृषि विभाग और एसडीएम को वित्तीय प्रावधानों, गन्ना उत्पादन, भूमि उपलब्धता और तकनीकी संसाधनों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
इंदौरा ( indora) क्षेत्र में उपयुक्त जलवायु
उपायुक्त ने बताया कि इंदौरा तथा आसपास के क्षेत्रों की जलवायु और तापमान गन्ना उत्पादन के लिए उपयुक्त है। वर्तमान में यहां 719 हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की खेती हो रही है, लेकिन किसानों को अपनी फसल लेकर पड़ोसी राज्यों की चीनी मिलों तक जाना पड़ता है। अधिकांश किसान मुकेरियन शुगर मिल (होशियारपुर, पंजाब) या जम्मू की मिलों पर निर्भर हैं।
गन्ने की पैदावार बढ़ाने पर जोर
प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को सहूलियत देने, इसकी पैदावार बढ़ाने और चीनी उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान शुगर मिल उत्पादन को लेकर विशेषज्ञों के साथ वर्चुअल माध्यम से चर्चा की गई। इस अवसर पर एडीसी विनय कुमार सहित उद्योग विभाग, कृषि विभाग, बागबानी विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।