अमरीका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत हिमाचल प्रदेश के तहसील इंदौरा के गांव मिलवां का रोहित भी अमरीका से वापस भेजा गया है। रोहित, जो आज रात अपने गांव लौट रहा है, के घर वापसी की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
#### **कर्ज और सपनों की टूटती हकीकत**
रोहित की बहन ने बताया कि उनका बड़ा भाई रोमानिया में रह रहा है, जबकि पिता कैंसर से पीड़ित होने के कारण पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं। पिता की मौत के बाद घर का आर्थिक संकट बढ़ गया था। कर्ज चुकाने और बेहतर भविष्य की उम्मीद में परिवार ने रोहित को विदेश भेजने का फैसला किया।
#### **45 लाख रुपए में हुआ था सौदा**
परिवार ने अमृतसर के एक ट्रैवल एजेंट से बातचीत की और ठाकुरद्वारा व मुकेरियां के बैंकों से कर्ज उठाकर तथा रिश्तेदारों से पैसे इकट्ठे कर 45 लाख रुपए में रोहित को अमरीका भेजने की डील तय की। पहले उसे अमृतसर एयरपोर्ट से दुबई भेजा गया, जहां वह 8 महीने तक फंसा रहा। इसके बाद कई देशों से होते हुए उसे मैक्सिको पहुंचाया गया।
#### **एजेंट ने किया धोखा, पैसे लेने के बाद बंद किया फोन**
एजेंट ने मैक्सिको से आगे भेजने के नाम पर 4 लाख रुपए और मांगे, जो परिवार ने भेज दिए। इसके बाद भी उसने फिर पैसे की मांग की, लेकिन जब परिवार ने और रकम भेजने से इनकार किया, तो एजेंट ने फोन उठाना बंद कर दिया।
#### **अब कर्ज चुकाने का संकट**
अवैध रूप से अमेरिका में रहने के कारण रोहित को डिपोर्ट कर दिया गया। अब परिवार पर लाखों का कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी आ गई है। रोहित की मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
