नालागढ़ (हिमाचल प्रदेश)
भारत सरकार की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1930 पर 13 विभिन्न राज्यों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर नालागढ़ में एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। प्राथमिकी संख्या 135/25, दिनांक 15.04.2025, थाना नालागढ़ के तहत दर्ज इस मामले में अब तक तीन आरोपियों—अमृत पाल, फिरोज खान और जसप्रीत सिंह—को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्य विवरण:
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आरोपियों द्वारा कुल 23 संदिग्ध बैंक खाते विभिन्न बैंकों में खोले गए थे। इन खातों का उपयोग शेयर ट्रेडिंग और USDT क्रिप्टो निवेश के नाम पर भोले-भाले लोगों को लाखों-करोड़ों रुपये का चूना लगाने में किया गया।
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प्रारंभिक जांच में कुल ₹6.67 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है।
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गिरफ्तार तीनों आरोपियों के बैंक खातों में आरंभिक लेनदेन का विवरण इस प्रकार है:
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अमृत पाल (पुत्र श्री ब्यास देव, निवासी गांव रतयोड़): 9 खाते, लेनदेन ~₹40 लाख
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फिरोज खान (पुत्र श्री भाग मोहम्मद, निवासी गांव नवाग्राम): 8 खाते, लेनदेन ~₹4 करोड़
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जस्प्रीत सिंह (पुत्र सुरजीत सिंह, निवासी गांव रतयोड़): 4 खाते, लेनदेन ~₹28 लाख
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पुलिस कार्रवाई:
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इन संदिग्ध खातों को फ्रीज करवा दिया गया है।
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5 मोबाइल नंबर और 3 मोबाइल IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए हैं।
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सभी पहलुओं से गहन जांच जारी है; प्रारंभिक आशंका है कि यह गिरोह अन्य राज्यों में भी ऑनलाइन ठगी की योजनाएं चला रहा था।
पुलिस महानिरीक्षक (क्राइम ब्रांच) ने बताया कि यह गिरोह बैंक वाउचर, इंटरनेट बैंकिंग और ATM के माध्यम से नियमित रूप से अवैध निकासी करता था। जांच अधिकारियों को विश्वास है कि कई अन्य अज्ञात साथी अब भी सक्रिय हो सकते हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए सघन पत्राचार एवं प्रवर्तन कार्रवाई जारी है।
ग्राहकों से अपील है कि वे अपने बैंकिंग लेनदेन की नियमित निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरन्त पुलिस या टोल-फ्री नंबर 1930 पर सूचना दें।
