मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी में चूनी पंचायत के डडौण गांव से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। चिउणी से सराहू मार्ग पर चलने वाले मस्टरोल नंबर 23956 में दिवंगत श्रमिक पूर्णू देवी की 12 दिन की वर्चुअल हाजिरी लगाई गई, जबकि उनका निधन 13 नवंबर 2023 को हृदय गति रूकने से हो चुका था।
घटना का संक्षिप्त विवरण
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मस्टरोल संख्या: 23956
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कार्यकाल: 15 मार्च 2023 से 28 मार्च 2023 तक
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दिहाड़ी दिन: 12 दिन
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ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने वाली: वार्ड सदस्य सावित्री देवी (दिवंगत महिला की बहू)
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निधन तिथि: 13 नवंबर 2023 (पूर्वू राम की पत्नी पूर्णू देवी)
कैसे उजागर हुआ फर्जीवाड़ा
जिला पंचायत द्वारा जारी ऑनलाइन हाजिरी रिपोर्ट देखकर गाँव के ही कुछ लोग चकित रह गए कि दो साल पहले मृत्यु हो चुकी महिला को अभी भी मजदूरी पर दिखाया जा रहा है। बाद में पता चला कि हाजिरी की यह गलती “जीआरएस की चूक” बताकर वार्ड सदस्य सावित्री देवी ने स्वीकार की, पर यह स्वास्थ्य कारणों से बंद कराए गए खाते की जानकारी होने पर भी कैसे संभव हुआ, यह बड़ा सवाल है।
संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया
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वार्ड सदस्य सावित्री देवी:
“जीआरएस (ग्रामीण रोजगार सहायक) की गलती के कारण ही यह ऑनलाइन हाजिरी दिख रही है। मैंने सास के खाते बंद करवा दिए हैं।”
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सचिव, ग्राम पंचायत चिउणी (धर्मचंद शर्मा):
“पूर्णू देवी का निधन हृदय गति रूकने से 13 नवंबर 2023 को हो चुका है। इस तरह की हाजिरी कैसे ऑनलाइन लग गई, इसकी जाँच की आवश्यकता है।”
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डीपीओ, मनरेगा (अचिंत डोगरा):
“घटना की तह तक जाकर जांच-पड़ताल की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
आगे की कार्रवाई
मामले की सही जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किन हाथों कितनी रकम का भुगतान हुआ और किसके द्वारा खातों में डाटा प्रविष्टि की गई। साथ ही, ऐसे ऑनलाइन सिस्टम की सूरत-ए-हाल को सुधारने के लिए पंचायत स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक सतर्कता बढ़ाने की भी मांग उठ रही है।
स्थिति की प्राथमिक पड़ताल
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पिछले कई माह से मनरेगा का कोई भुगतान मजदूरों के खाते में ट्रांसफर नहीं हुआ, वरना मृतक महिला के खाते से भी रकम निकाल ली जाती।
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कोई लिखित शिकायत नहीं आने के बावजूद ऑनलाइन हाजिरी की गलतियों ने आमजन में सवाल खड़े कर दिए हैं।
नोट: जांच जारी है, जल्द ही दोषी अधिकारी या कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जानकारी दी जाएगी।