बंगाणा (राकेश राणा ) : उपमंडल बंगाणा के सोलहसिंघी धार-सीमांत पर स्थित पिपलू (हटवाना) गांव में बीते दो सप्ताह से तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। ग्रामीणों के अनुसार आसपास के खेतों में घास काटने गई महिलाएं और स्कूल जाने-वापस आने वाले बच्चे भी दहशत का सामना करने को मजबूर हैं।
आक्रमण की भयावहता
– स्थानीय ग्रामीण बी डी सी सदस्य राज कुमार मणकोटिया, जनक, सुरेश, प्रदीप, अजै, मित्तू, अबू सहित अनेक ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए ने अब तक एक दर्जन से अधिक पालतू कुत्तों को अपना शिकार बनाया है।
– वे बता रहे हैं कि जानवरों को घर के पास ही बांधना पड़ रहा है, फिर भी तेंदुआ उनके बंधे कुत्तों पर हमला कर रहा है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से:
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तेंदुए को पकड़ने हेतु पिंजरा (कैज ट्रैप) लगाने
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खेतों व रास्तों में पैट्रोलिंग बढ़ाने
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यदि भविष्य में भी किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी विभाग की तय करने
की मांग उठाई है।
स्थानीय प्रभाव
– तेंदुआ का आतंक महिलाओं को घास नियो में जाने से रोक रहा है।
– स्कूल जाने वाले बच्चों को अभिभावकों को खुद छोड़ने-लेने जाना पड़ रहा है, जिससे अध्ययन में व्यवधान हो रहा है।
विभागीय प्रतिक्रिया
बंगाणा रेंज अधिकारी अंकुश आनंद ने बताया कि मीडिया से मिली शिकायतों के आधार पर जल्द ही पिपलू (हटवाना) गांव में कैज ट्रैप लगाया जाएगा। साथ ही कैप्चर ऑपरेशन चलाकर तेंदुए को ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित तरीके से वन विभाग के ओफिस तक लाया जाएगा।
