सराज के ऊपरी व मध्य क्षेत्रों तथा गोहर क्षेत्र के कई इलाकों में रविवार को करीब आधे घंटे तक चले तेज बारिश एवं ओलावृष्टि ने किसानों की हरी-भरी मटर की फसल को तहस-नहस कर दिया। साथ ही सेब व अन्य फलदार पौधों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ खेतों में पड़ी गेहूं की फसल भी भीगने से क्षतिग्रस्त हो गई।
पंचायत स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार सराज के छतरी क्षेत्र में सोमनाचनी, थाची, सोमगाड़ व लेहथाच तथा गोहर के स्यांज व मौवीसेरी समेत दर्जनों ग्राम पंचायतों में ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मटर की ताजातरीन फसल पर पड़े आंसू जैसे दाने चारों ओर बिखर गए। विशेषकर उन किसानों के लिए यह घटना दु:स्वप्न साबित हुई, जिन्हें इस वर्ष मटर की फसल के उचित दाम मिलने की उम्मीद थी।
घटना की सूचना मिलने पर गोहर के एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट ने संबंधित कृषि विभाग को प्रभावित क्षेत्रों का तकनीकी सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों व बागवानों ने सरकार से शीघ्र मुआवजा वितरण तथा भविष्य में इस प्रकार की आपदाओं से बचाव के लिए बचाव एवं बीमा योजनाओं को प्रभावी बनाने की मांग उठाई है।