हरियाणा और पंजाब के बीच वर्षानुवर्ष चल रहे जल संघर्ष में एक बार फिर तल्खी बढ़ गई है। भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने के निर्णय के बाद पंजाब सरकार ने तीखा विरोध किया है।
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BBMB का निर्णय:
– BBMB ने भाखड़ा बांध से हरियाणा को प्रतिदिन 8,000 क्यूबिक मीटर पानी देने का प्रस्ताव पास किया।
– इस फैसले के तहत बोर्ड ने डायरेक्टर रेगुलेशन इंजी आकाशदीप सिंह (पंजाब कोटे से) का तबादला कर हरियाणा कोटे के इंजी संजय कुमार को नियुक्त किया।
– साथ ही, हरियाणा कोटे के सेक्रेटरी सुरिंदर सिंह मित्तल की जगह बलवीर सिंह को नामित किया गया। -
पंजाब सरकार का विरोध:
– पंजाब वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “हरियाणा को पानी की एक बूंद भी नहीं देंगे। हरियाणा उसका दुरुपयोग कर रहा है।”
– बीबीएमबी के चंडीगढ़ मुख्यालय पर पंजाब पुलिस ने नंगल डैम के कंट्रोल रूम के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी और किसी को डैम के पास जाने की अनुमति नहीं दी। -
केंद्र सरकार और चार राज्य आयोगर सम्मेलन:
– BBMB द्वारा आयोजित बैठक में भारत सरकार के प्रतिनिधि ने हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और सिंध (पाकिस्तान) के आयुक्तों के साथ चर्चा की।
– पंजाब ने हरियाणा को कम पानी देने के समर्थन में अपने वोट का इस्तेमाल नहीं किया।
राजनीतिक बयानबाजी
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हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सैनी
“हमनें मानवीय आधार पर पुनर्विचार की अपील की है। पानी किसी एक राज्य का नहीं, प्रकृति का उपहार है; इसे साझा करना ही समझदारी होगी।” -
पंजाब मुख्यमंत्री मान
“6 मार्च 2025 से पंजाब प्रतिदिन अतिरिक्त 4,000 क्यूसेक पानी हरियाणा को दे रहा था। 8,000 क्यूसेक मांगना व्यावहारिक रूप से असंभव है।”
डीआईजी रोपड़ रेंज, हरचरण सिंह भुल्लर ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर सघन सिक्योरिटी चेकिंग जारी है, ताकि कहीं अप्रिय घटनाएं न घटें।
हरियाणा–पंजाब जल विवाद दशकों पुराना है और दोनों राज्यों के बीच फसलों, पीने के पानी व सिंचाई की आवश्यकताओं पर विवाद समय-समय पर तेज हो जाता है। भाखड़ा बांध से निकलने वाले जल का वितरण BBMB द्वारा निर्धारित होता है, जिसमें राजनीतिक समीकरण भी अहम भूमिका निभाते हैं।
नोट: BBMB का अगला निर्णय और पंजाब–हरियाणा दोनों राज्यों की आपसी समन्वय बैठक इस सप्ताह विधानसभा सत्र के समापन के बाद प्रस्तावित है।
